क्या सरसों के बाजार में एक और तेजी आएगी

क्या सरसों के बाजार में एक और तेजी आएगी
क्या सरसों के बाजार में एक और तेजी आएगी

क्या सरसों के बाजार में एक और तेजी आएगी

क्या सरसों के बाजार में एक और तेजी आएगी : नमस्ते साथियों, मुझे बहुत खुशी हो रही है कि हमारी पिछली रिपोर्ट सरसों के बाजार को लेकर बिल्कुल सटीक साबित हो रही है। मैंने आपको पहले ही बताया था कि सरसों में गिरावट आएगी, लेकिन वह एकदम से नहीं, बल्कि रुक-रुक कर आएगी – और ठीक वैसा ही हो रहा है। बाजार मानो थककर चल रहा हो, बीच-बीच में हल्की सांस लेकर फिर नीचे की ओर लुढ़क जाता है।

पिछले एक हफ्ते की बात करें तो सलोनी प्लांट पर सरसों का भाव पूरे 150 रुपये तक टूट चुका है। लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को थोड़ी रिकवरी आई और भरतपुर मंडी में 100 रुपये की तेजी के साथ भाव 6800 तक पहुंच गए, लेकिन यह स्तर टिक नहीं सका। शनिवार को फिर से लुढ़ककर 6725 पर बंद हो गए। जयपुर में 150 रुपये की गिरावट के बाद पिछले तीन दिनों से भाव 7100 के स्तर पर अटके हुए हैं। दिल्ली में 6900 और चरखी दादरी में 6950 का भाव चल रहा है। सलोनी प्लांट पर शनिवार शाम को सरसों 7700 पर बंद हुई।

आवक की स्थिति पिछले साल जैसी ही बनी हुई है – शनिवार को कुल 1.40 लाख बोरी आई, जिसमें अकेले राजस्थान से 75,000 बोरी की आवक रही। भाव पिछले साल से करीब 600 रुपये ऊपर जरूर हैं, लेकिन दबाव कई मोर्चों से बन रहा है। नेफेड की बिकवाली, व्यापारियों के पास बचा हुआ पुराना स्टॉक और इस बार पिछले साल से ज्यादा बुआई – ये सब मिलकर बाजार पर भारी पड़ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया पाम तेल में इस हफ्ते 4.65% की अच्छी रिकवरी आई, लेकिन हमारे घरेलू सरसों तेल को इसका कोई खास फायदा नहीं मिला। हफ्ते भर में सरसों तेल के दामों में 15 रुपये प्रति 10 किलो की गिरावट दर्ज हुई – दिल्ली में एक्सपेलर 1435 से लुढ़ककर 1415 और चरखी दादरी में 1420 से 1405 पर आ गया। सरसों खल में भी चीन की खरीदारी कम होने से 50 रुपये की नरमी आई; जयपुर में 2755 और भरतपुर में 2860 प्रति क्विंटल के भाव रहे।

सोयाबीन में चल रही तेजी का भी सरसों को कोई सहारा नहीं मिल रहा, क्योंकि सरसों का स्टॉक अभी काफी बचा हुआ है और मौसम अब तक फसल के लिए अनुकूल बना हुआ है। नई फसल बम्पर आने की उम्मीद से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। दिसंबर महीने में ही सरसों 200-250 रुपये टूट चुकी है – और यह बात हमने आपको 1 दिसंबर को ही स्पष्ट बता दी थी।

मेरा मानना है कि मौजूदा हालातों में सरसों के भावों में कोई बड़ी तेजी की गुंजाइश नहीं दिख रही। इसलिए मेरी सलाह यही है – जब भी बाजार में थोड़ा-बहुत उछाल आए, उस मौके का फायदा उठाकर माल निकाल देना चाहिए। होल्ड करने से ज्यादा फायदा बेचकर मुनाफा सुरक्षित करने में है।

आखिर में वही पुरानी बात – बाजार अप्रत्याशित होता है, इसलिए हर फैसला अपने विवेक और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से लें।

शुभकामनाएं और सतर्क रहें! आपका बाजार मित्र

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