क्या और तेज होगा बासमती का बाजार

क्या और तेज होगा बासमती का बाजार
क्या और तेज होगा बासमती का बाजार

क्या और तेज होगा बासमती का बाजार

क्या और तेज होगा बासमती का बाजार : नमस्ते दोस्तों, पिछले एक महीने से बासमती धान और चावल के बाजार में जो रफ्तार देखने को मिल रही है, वह सचमुच रोमांचक है। मानो बाजार ने ठान लिया हो कि अब रुकना नहीं है! मंडी मार्केट मीडिया ने धान सीजन शुरू होने से पहले जो 4500 रुपये प्रति क्विंटल का लक्ष्य बताया था, वह अब पूरी तरह हासिल हो चुका है। शनिवार को मतलोडा मंडी में 1121 वैरायटी का भाव 4521 रुपये तक पहुंच गया – यह इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

इसी तरह की खुशगवार तेजी अन्य मंडियों में भी नजर आई। जुलाना मंडी में जहां पिछले हफ्ते 1121 धान 4200 रुपये के आसपास बिक रहा था, वहीं शनिवार तक वह 4450 तक जा पहुंचा। गोहाना मंडी में भी 4167 से उठकर 4426 रुपये का भाव बना। 1401 और PB1 वैरायटी में भी यही उत्साह दिखा – टोहाना मंडी में 1401 का रेट 4200 से बढ़कर 4550 तक चला गया, जबकि मध्य प्रदेश की पिपरिया मंडी में PB1 ने लगभग 4000 का स्तर छू लिया। 1509, 1886, 1847 और 1718 जैसी अन्य लोकप्रिय वैरायटी में भी 200-250 रुपये प्रति क्विंटल की अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

इस तेजी की मुख्य वजहें बिल्कुल साफ हैं – इस बार उत्पादन कुछ कम रहा, मंडियों में धान की आवक घटी है और निर्यात की मांग जोरदार बनी हुई है। चावल के बाजार की बात करें तो यहां तो और भी शानदार उछाल देखने को मिला। 1509 स्टीम चावल, जो एक महीना पहले 7000 रुपये के आसपास था, अब 7500 के स्तर पर पहुंच चुका है और पिछले 10 दिनों में ही 300 रुपये की तेजी आई है। 1401 स्टीम में तो पिछले 10 दिनों में पूरे 1000 रुपये का उछाल आया है! 1121 स्टीम भी अब 8800 रुपये के भाव छू रहा है।

हालांकि, पिछले दो साल की लगातार गिरावट के बाद व्यापारियों और निर्यातकों के मन में थोड़ा डर अभी भी बना हुआ है। यही कारण है कि इतनी जोरदार तेजी के बाद शनिवार शाम से बाजार में कुछ ठहराव नजर आया। रविवार को 1121 धान के भाव 4400 रुपये तक और 1509 के 3700 रुपये के दायरे में देखे गए। ऊंचे स्तरों को देखते हुए कुछ मिल मालिकों ने खरीदारी में थोड़ी देरी करने का फैसला भी लिया है।

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एक दिलचस्प खबर आई है – ईरान ने पाकिस्तान से 3 लाख टन बासमती आयात करने का सौदा किया है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अभी भारतीय बासमती की कीमत पाकिस्तानी बासमती से कम चल रही है, इसलिए संभावना यही है कि जल्द ही मांग भारत की ओर मुड़ेगी। वैसे भी पाकिस्तान में सालाना करीब 10 लाख टन ही बासमती होती है, जो वैश्विक मांग के सामने काफी कम है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में शांति है और निर्यात में कोई बड़ी रुकावट नजर नहीं आ रही।

मेरा व्यक्तिगत मानना है कि बासमती बाजार में कोई गहरी मंदी आने की गुंजाइश कम है। हां, थोड़ा सा ठहराव जरूर आ सकता है, लेकिन इसके बाद फिर तेजी का रुख बनने की पूरी उम्मीद है। सलाह के तौर पर – 1401 और PB1 में जहां अच्छी तेजी आ चुकी है, वहां कुछ माल बेचकर मुनाफा सुरक्षित करना समझदारी होगी। वहीं 1121 और 1718 को अभी कुछ दिन और होल्ड करके रखा जा सकता है।

आखिर में एक सावधानी जरूर बरतें – ऐसे समय में बड़े सट्टेबाज अक्सर तरह-तरह की अफवाहें उड़ा कर बाजार को हिला देते हैं। अगर आप धान होल्ड करके चल रहे हैं तो भरोसेमंद और सटीक जानकारी ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। मंडी मार्केट मीडिया जैसी विश्वसनीय सर्विस का सहारा लें।

व्यापार हमेशा अपने विवेक और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार ही करें।

शुभकामनाएं! आपका बाजार साथी

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