सोयाबीन बेचने का सही समय कब? 😱 पूरी रिपोर्ट पढ़ो!

सोयाबीन बेचने का सही समय कब 😱 पूरी रिपोर्ट पढ़ो!

सोयाबीन बेचने का सही समय कब 😱 पूरी रिपोर्ट पढ़ो!
सोयाबीन बेचने का सही समय कब 😱 पूरी रिपोर्ट पढ़ो!

दोस्तों,मैं लंबे समय से सोयाबीन बाजार पर नजर रखता हूं, और आज जो स्थिति है, उससे काफी खुश हूं। हमारी पिछली रिपोर्ट्स बिल्कुल सटीक साबित हो रही हैं, क्योंकि बाजार लगातार तेजी की ओर बढ़ रहा है। पिछले एक महीने में सोयाबीन की कीमतों में करीब ₹430 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले एक साल में यह बढ़त ₹840 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। भविष्य में भी बाजार मजबूत दिख रहा है, क्योंकि सप्लाई कम हो रही है और सोयाबीन डीओसी (डी-ऑइल्ड केक) की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि कीमतों को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।

हाल ही में मंडियों में सोयाबीन के भाव उतार-चढ़ाव के बीच 4800 से 5050 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रहे। उदाहरण के लिए, इंदौर मंडी में भाव 5050 रुपये तक पहुंचे, उज्जैन में 5000 रुपये और अमरावती में 4850 रुपये प्रति क्विंटल देखे गए। प्लांट्स की बात करें तो कीर्ति प्लांट में कल सोयाबीन 5250 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 30 रुपये की तेजी आई। वहीं, मुंबई में रिफाइंड सोया ऑयल 1295 रुपये और कांडला में 1275 रुपये प्रति 10 किलो तक पहुंच गया। सोया डीओसी के भाव भी मजबूत हैं – ओम श्री धुलिया प्लांट में कल ₹1000 की बढ़त के साथ यह ₹40000 प्रति टन तक जा पहुंचा। ये सारे संकेत बताते हैं कि घरेलू मांग और प्रोसेसिंग मजबूत है, जो किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए अच्छी खबर है।

अब वैश्विक स्तर पर नजर डालें तो हालात थोड़े मिक्स्ड हैं। स्टोनएक्स जैसी बड़ी कंपनी ने अपनी जनवरी रिपोर्ट में ब्राजील की 2025-26 सोयाबीन फसल का अनुमान बढ़ाकर 177.6 मिलियन टन कर दिया है, जो दिसंबर के अनुमान से ज्यादा है और पिछले सीजन से करीब 5% अधिक। ब्राजील में कटाई शुरू हो गई है, मुख्य रूप से सिंचित इलाकों में, लेकिन देर से बोई फसलें मार्च तक बाजार में आएंगी। कुल उत्पादन पर अभी अनिश्चितता है, क्योंकि मौसम के उतार-चढ़ाव बने हुए हैं।

चीन की मांग की बात करें तो 2025 में अब तक चीन ने अमेरिका से करीब 8 मिलियन टन सोयाबीन खरीदा है, जो अक्टूबर से दिसंबर तक की बुकिंग्स हैं। इनकी शिपमेंट दिसंबर से मार्च के बीच होगी। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिका से 12 मिलियन टन की खरीद के दावे हैं, लेकिन चीन की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। चीन ब्राजील और अर्जेंटीना से भी बड़ी मात्रा में आयात कर रहा है, इसलिए वैश्विक सप्लाई पर दबाव कम है, लेकिन भारतीय बाजार को घरेलू फैक्टर्स से ज्यादा सपोर्ट मिल रहा है।

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल – क्या सोयाबीन बाजार MSP को पार कर पाएगा? वर्तमान MSP 5328 रुपये प्रति क्विंटल है, और प्लांट भाव पहले से ही ऊपर हैं। मंडी भाव भी तेजी से ऊपर जा रहे हैं। अगर बाजार MSP पार कर लेता है, तो अगला टारगेट 5500 रुपये हो सकता है। लेकिन सावधानी बरतें, क्योंकि वैश्विक उत्पादन बढ़ने से मुनाफावसूली का रिस्क हमेशा रहता है। तेजी में समय-समय पर प्रॉफिट बुक करते रहें, ताकि जोखिम कम हो।

मैं तो यही कहूंगा कि सोयाबीन का बाजार अभी मजबूत ट्रेंड में है। किसान भाइयों को सलाह है कि अच्छे भाव मिलें तो बिक्री करें, लेकिन स्टॉक भी रखें क्योंकि आगे और तेजी के संकेत हैं। व्यापारी भी पोजीशन बनाएं, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है। कुल मिलाकर, यह सीजन सोयाबीन के लिए काफी पॉजिटिव लग रहा है। अगर कोई सवाल हो तो कमेंट करें, मैं जवाब दूंगा।

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