1 हफ्ते में 50 रु तेज हुआ गेहूँ जाने आगे का रुझान

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गेहूं बाजार: स्थिरता के साथ हल्की चमक, ऊँचे स्तरों पर मजबूत पकड़!

नमस्ते साथियों,

आज गेहूं के घरेलू बाजार को देखकर मन खुश हो रहा है। बाजार में स्थिरता के साथ-साथ हल्की-हल्की तेजी का रंग नजर आ रहा है – ठीक वैसा ही जैसा हमने अपनी पिछली रिपोर्टों में आपको बताया था। आप पुरानी रिपोर्ट्स निकालकर देख लीजिए, सब कुछ वैसा ही चल रहा है जैसा हमने अनुमान लगाया था।

इस हल्की लेकिन सकारात्मक तेजी की सबसे बड़ी वजह है FCI की ओर से OMSS (ओपन मार्केट सेल स्कीम) के तहत कोई नया टेंडर न आना। बाजार में अब यह बात पक्की होती जा रही है कि निकट भविष्य में सरकारी सप्लाई का कोई बड़ा दबाव नहीं आएगा। नतीजतन, भाव ऊँचे स्तरों पर अच्छी तरह टिके हुए हैं और थोड़ा-थोड़ा सुधार भी दिखा रहे हैं।

प्रमुख मंडियों के ताजा भावों पर नजर डालें तो:

  • दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार सुधार हो रहा है और आज गेहूं 2,835 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच गया।
  • मैनपुरी में 2,501, अलवर में 2,740, बेंगलुरु में 60 रुपये की मजबूती के साथ 3,100, हापुड़ में 2,720, पटना में 2,800 और शाहजहाँपुर में 2,630 रुपये के भाव दर्ज हुए।
  • कोलकाता में तो दिनभर सेंटीमेंट मजबूत रहा और शाम के सौदे सुबह के मुकाबले करीब 30 रुपये ऊँचे स्तर पर हुए।

हाजिर बाजार में बिकवाली का दबाव काफी सीमित है। ज्यादातर स्टॉकहोल्डर मौजूदा भावों पर माल बेचकर नुकसान नहीं उठाना चाहते, इसलिए उपलब्धता टाइट बनी हुई है। केवल वही लोग बेच रहे हैं जिन्हें दिसंबर के अंत तक अनिवार्य रूप से गोदाम खाली करने पड़ रहे हैं।

नीतिगत मोर्चे पर गेहूं निर्यात को लेकर चर्चाएँ तो चल रही हैं, लेकिन घरेलू भाव पहले से ही मजबूत हैं और सरकार की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं है, इसलिए बड़े निर्यात की ज्यादा उम्मीद नहीं की जा रही। हाँ, गेहूं से बने उत्पादों का बांग्लादेश की दिशा में सीमित निर्यात जारी रह सकता है।

सप्लाई साइड पर भी अच्छी खबर है – इस बार गेहूं की बुवाई संतोषजनक रही और रकबा करीब 301.6 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो पिछले साल से लगभग 1.2% ज्यादा है। लेकिन फिलहाल बाजार का पूरा ध्यान OMSS की निष्क्रियता और सीमित बिकवाली पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर मेरा मानना है कि जब तक FCI की ओर से कोई अचानक टेंडर या बड़ी नीतिगत घोषणा नहीं आती, तब तक गेहूं के भाव मौजूदा ऊँचे स्तरों पर अच्छी तरह टिके रहेंगे और धीरे-धीरे और मजबूत होने की पूरी संभावना है।

जैसा हमेशा कहता हूँ – बाजार में धैर्य और सतर्कता सबसे बड़ा साथी है। हर व्यापार अपने विवेक और जोखिम समझकर ही करें।

शुभकामनाएँ और सकारात्मक रहें! आपका बाजार साथी

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