मक्का के बाजार से क्या निकल रही है आवाज? स्थिर है या बड़ा धमाका – जानिए पूरी रिपोर्ट|

दोस्तों,मैं लंबे समय से मक्का के बाजार पर नजर रखता हूं, और इस समय जो स्थिति है, वो काफी स्थिर लग रही है। बाजार में आपूर्ति और मांग का अच्छा संतुलन बना हुआ है, इसलिए दामों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा। बुधवार को नासिक और पुणे जैसी मंडियों में मक्का के भाव लगभग स्थिर रहे, कोई खास तेजी या मंदी का दबाव नहीं पड़ा। कल गुलाब बाग मंडी में भाव 2105 रुपये, दिल्ली में नॉर्मल मक्का 2240 रुपये, छिंदवाड़ा में 1900 रुपये, इंदौर स्टार्च प्लांट पर 1810 रुपये और राजकोट में 1800 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहे। मुंबई में मक्का के निर्यात भाव भी 2000 रुपये प्रति क्विंटल पर टिके हुए हैं। कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार के बीच ज्यादा फर्क नहीं बन पा रहा, जो बाजार को स्थिर रखने में मदद कर रहा है
अब आवक की बात करें तो अमलनेर मंडी में रोजाना 600-700 टन मक्का की अच्छी आवक हो रही है, जिससे बाजार में उपलब्धता भरपूर बनी हुई है। लगातार मजबूत आवक के कारण खरीदारों पर फौरन खरीदारी का कोई प्रेशर नहीं है। वे आराम से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि सप्लाई पर्याप्त है। इससे दामों पर ऊपर जाने का दबाव नहीं बन पा रहा।
इथेनॉल सेक्टर से मक्का की मांग इस समय कमजोर बनी हुई है। वजह ये है कि कई इथेनॉल प्लांट्स को तेल कंपनियों से उम्मीद से कम अलॉटमेंट मिल रहा है, इसलिए वे पूरी क्षमता पर नहीं चल रहे। कई प्लांट आंशिक कैपेसिटी पर ही काम कर रहे हैं। इसका सीधा असर इथेनॉल उत्पादन पर पड़ा है, और उत्पादन कम होने से DDGS (डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्यूबल्स) की उपलब्धता भी घटी है। नतीजा ये हुआ कि DDGS के दामों में अच्छी तेजी आई। बीते एक महीने में DDGS के भाव 1800 रुपये से बढ़कर करीब 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। DDGS महंगा होने से उसकी निर्यात मांग भी कमजोर पड़ गई है। साथ ही, घरेलू इथेनॉल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगी होने से निर्यात के मौके भी सीमित हो गए हैं।
ओवरऑल देखें तो बाजार में पर्याप्त सप्लाई है, रोजाना मजबूत आवक चल रही है, और औद्योगिक मांग कमजोर है। इन सब वजहों से मक्का के दाम एक रेंज में बंधे हुए हैं। मंडी मार्केट मीडिया का मानना है कि जब तक इथेनॉल सेक्टर से मांग में सुधार नहीं आता या निर्यात में कोई बड़ा बूस्ट नहीं मिलता, तब तक बाजार में बड़ी तेजी की उम्मीद कम है। हां, हल्का-फुल्का उतार-चढ़ाव तो चलता रहेगा, लेकिन कोई बड़ा मूवमेंट नहीं दिख रहा।
मैं तो यही सलाह दूंगा कि किसान भाइयों, अगर अच्छे भाव मिल रहे हैं तो थोड़ा-थोड़ा बेचते रहें, पूरा स्टॉक एक साथ न रखें। व्यापारियों को भी पोजीशन बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि बाजार स्थिर है लेकिन अचानक कोई बदलाव आ सकता है। इथेनॉल पॉलिसी में कोई नई घोषणा या मौसम का असर पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार शांत है, लेकिन नजर रखें।
जय जवान, जय किसान!