
दोस्तों,मैं रोज दालों के बाजार पर नजर रखता हूं, और मंगलवार का दिन मसूर और मूंग दोनों के लिए थोड़ा पॉजिटिव रहा। दाल मिलों की लगातार खरीदारी की वजह से दोनों बाजारों में मामूली मजबूती के साथ स्थिरता बनी रही। कोई बड़ा उछाल तो नहीं आया, लेकिन गिरावट भी रुक गई, जो अच्छा संकेत है।
पहले मसूर की बात करें। शाम तक दिल्ली में देसी मसूर के भाव 50 रुपये बढ़कर 6,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। आयातित मसूर की कीमतें बंदरगाहों पर स्थिर रहीं – मुंद्रा और कांडला में 5,525 रुपये, हजीरा में 5,600 रुपये। कंटेनर में कनाडा वाली मसूर 5,775 रुपये और इंदौर में देसी मसूर 5,700 रुपये प्रति क्विंटल पर टिकी रही। इस सीजन में मसूर की बुवाई बढ़कर 17.06 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले साल के 16.85 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। लेकिन उत्पादन फिर भी पिछले साल के 16 लाख टन के आसपास रहने का अनुमान है, क्योंकि बुवाई के समय ज्यादा बारिश हो गई थी, जिससे पैदावार पर असर पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मसूर महंगी चल रही है। कनाडा में उत्पादन 38% बढ़कर 33.63 लाख टन होने का अनुमान है, लेकिन फिर भी आयात सस्ता नहीं पड़ रहा। वजह है रुपया कमजोर होना, जिससे इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ गई है। पिछले पखवाड़े मुनाफावसूली की वजह से भाव गिरकर 6,650 रुपये तक आ गए थे, लेकिन अब मुझे लगता है कि यहां से और गिरावट की गुंजाइश कम है। मंडी मार्केट मीडिया भी यही मान रहा है कि रुक-रुक कर तेजी आ सकती है। दाल मिलों की खरीदारी जारी है, तो निचले स्तरों पर सपोर्ट मिल रहा है। कुल मिलाकर मसूर में अब स्थिरता के बाद ऊपर की संभावना ज्यादा लग रही है।
अब मूंग की स्थिति देखें। कल और शाम को ज्यादातर मंडियों में भाव स्थिर रहे, कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। इंदौर में अच्छी क्वालिटी वाली मूंग 8,300 रुपये, जयपुर में चमकीली मूंग 7,300 रुपये, जलगांव में कर्नाटक लाइन की चमकीली मूंग 9,100 रुपये और दिल्ली में मध्य प्रदेश लाइन की मूंग 6,900 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। राजस्थान में हल्के से भारी माल 5,400 से 7,000 रुपये के बीच बिका, जबकि सिलेक्टेड अच्छी मूंग 8,000 रुपये तक पहुंच गई।
सरकार ने MSP 8,768 रुपये प्रति क्विंटल पर काफी मूंग खरीद ली है, जिससे बाजार का बहुत सारा स्टॉक क्लियर हो गया। केंद्र सरकार भी अपने पूल से लगातार बिक्री कर रही है, लेकिन नई फसल आने में अभी समय है। कोई नई सप्लाई नहीं आने वाली निकट भविष्य में, इसलिए मौजूदा स्टॉक पर ही बाजार चल रहा है। दाल मिलों की डिमांड बनी हुई है, तो मुझे लगता है कि मूंग में और मजबूती आ सकती है। भाव मौजूदा स्तरों पर मजबूत ट्रेंड दिखा रहे हैं।
ओवरऑल देखें तो दोनों दालों में पॉजिटिव संकेत हैं। मसूर में निचले स्तरों पर स्थिरता आ गई है और आगे बढ़त के चांस हैं, जबकि मूंग पहले से ही मजबूत पोजीशन में है। किसान भाइयों, अगर आपके पास स्टॉक है तो अच्छे भाव मिलें तो थोड़ा-थोड़ा बेचते रहें, लेकिन पूरी तरह खाली भी न करें क्योंकि तेजी के संकेत हैं। व्यापारियों को भी सावधानी से पोजीशन बनानी चाहिए। आयात महंगा है, घरेलू उत्पादन सीमित, और मिलों की खरीदारी जारी – ये सारे फैक्टर सपोर्टिव हैं।
मैं तो यही कहूंगा कि दालों का बाजार अभी अच्छा चल रहा है। धैर्य रखें, बाजार पर नजर बनाए रखें। अगर कोई सवाल हो तो कमेंट करें।
जय जवान, जय किसान!