
मध्यप्रदेश विधानसभा में किसानों के लिए बड़ी राहत: सहकारिता मंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
भावांतर योजना का दायरा बढ़ा : मध्यप्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहलों पर काम कर रही है। विधानसभा में हालिया चर्चा के दौरान सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किसानों को मजबूत बनाने वाली कई अहम घोषणाएं कीं, जिनसे प्रदेश के अन्नदाताओं को फसलों का बेहतर मूल्य और प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा मिलेगी।
भावांतर योजना का विस्तार: सरसों और मूंगफली किसानों को बड़ा फायदा
सरकार भावांतर भुगतान योजना को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सोयाबीन के अलावा अब सरसों और मूंगफली की फसलों को भी इस योजना के दायरे में लाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अनोखी योजना के जरिए किसानों को बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अंतर की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। मंत्री ने बताया कि यह योजना देश में अपनी तरह की इकलौती है और इसके कुशल संचालन से प्रशासनिक खर्च में कटौती कर लगभग 1600 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
यहां भी जरूर पड़े- 20 दिसंबर का नीमच मंडी भाव देखने के लिए यहां क्लिक करें
प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा: जल्द शुरू होगी मौसम आधारित फसल बीमा योजना
किसानों को मौसम की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए प्रदेश में शीघ्र ही मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इस योजना से अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य मौसमी विपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई आसानी से हो सकेगी। साथ ही, उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं, ताकि किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति
मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने हरित क्रांति, श्वेत क्रांति और नीली क्रांति को एक-दूसरे से जोड़कर कृषि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इसके परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्रफल 2002-03 के 199 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 297 लाख हेक्टेयर हो गया है। उद्यानिकी फसलों का रकबा भी 4.67 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26.36 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका है। प्रदेश कई फसलों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी है – गेहूं के क्षेत्रफल में दूसरा, मक्का और मसूर में पहला, जबकि चना और उड़द के उत्पादन में दूसरा स्थान हासिल किया है।
किसान हितैषी चल रही योजनाएं
सरकार कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं के माध्यम से किसानों का सहयोग कर रही है, जिनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना, ई-विकास (उर्वरक वितरण प्रणाली), परंपरागत कृषि विकास योजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग शामिल हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे किसानों में इसकी ओर रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
यहां भी जरूर पड़े- 20 दिसंबर का नीमच मंडी भाव देखने के लिए यहां क्लिक करें
डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं
ई-मंडी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे किसानों को पारदर्शिता और सुगमता मिली है। सभी 298 उपमंडियों में ई-मंडी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कृषि अवसंरचना निधि योजना में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत अगले वर्ष 1066 महिला स्व-सहायता समूहों को ड्रोन प्रदान किए जाएंगे। नरवाई प्रबंधन के लिए पराली को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत बनाने हेतु सीबीजी प्लांट के साथ व्यावसायिक मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है।
ये सभी घोषणाएं और पहलें स्पष्ट संकेत देती हैं कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में इन कदमों से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि और उनकी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।