
5000 के पार सोयाबीन का बाजार अब आगे क्या
5000 के पार सोयाबीन का बाजार अब आगे क्या : साथियों, सोयाबीन का बाजार इन दिनों बिल्कुल हमारी कल वाली रिपोर्ट की लकीर पर चल रहा है – और यह देखकर मन को बड़ी संतुष्टि हो रही है। हमने कल स्पष्ट कहा था कि 5000 का स्तर जल्द ही छुआ जाएगा, और देखिए, महाराष्ट्र के कीर्ति प्लांट पर कल ही सोयाबीन ने पूरे 5000 रुपये प्रति क्विंटल का टारगेट हासिल कर लिया। यह कोई साधारण स्तर नहीं है भाइयो, यह एक मनोवैज्ञानिक और तकनीकी मोड़ है, जहां से बाजार की आगे की दिशा तय होती है।
सबसे अच्छी बात यह रही कि कल सिर्फ सोयाबीन ही नहीं चला, बल्कि डी-ऑयल्ड केक (DOC) और सोया रिफाइंड तेल ने भी मजबूती से साथ निभाया। नतीजा यह कि पूरे बाजार में 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की शानदार तेजी दर्ज हुई। मध्य प्रदेश की उज्जैन मंडी में तो कमाल हो गया – भाव 165 रुपये उछलकर 4625 रुपये पर पहुंच गए, और आवक 8000 से 10000 बोरी के बीच रही। बार्शी में 50 रुपये की बढ़त के साथ 4600, शिवनी में 4550 रुपये तक भाव चढ़े। अशोकनगर में हालांकि 4400 पर स्थिरता बनी रही, और लातूर में भी ₹3500 से 4700 के दायरे में कारोबार स्थिर दिखा। कुल मिलाकर मंडियों में भाव 4500 से 4750 रुपये के बीच घूम रहे हैं, जबकि प्लांटों ने 5000 का आंकड़ा पार कर लिया है।
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अब सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या यह 5000 का स्तर टिका रहेगा, या फिर पिछली बारों की तरह मुनाफावसूली का दबाव आकर सब कुछ उलट-पुलट कर देगा? मेरे ख्याल से तुरंत बड़ी मुनाफावसूली की गुंजाइश कम दिख रही है। वजह साफ है – विदेशी बाजारों में कोई कमजोरी नहीं दिख रही। पाम ऑयल मंदा नहीं खुला, CBOT सोयाबीन में भी मजबूती बरकरार है। ऐसे में घरेलू बाजार को बाहर से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।
हां, यह जरूर सच है कि ऊंचे भाव देखकर किसान भाइयों ने थोड़ी आवक बढ़ा दी है। आज की आवक पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर आवक में कोई बहुत बड़ी उछाल नहीं आई, तो 5000 से ऊपर की राह आसान हो सकती है – शायद 5100-5200 तक का सफर भी खुल जाए। लेकिन अगर आवक अचानक बढ़ गई, तो थोड़ा दबाव बन सकता है।
व्यापारी साथियो और किसान भाइयो, अगले एक-दो दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। बाजार को करीब से देखते रहिए, हर घंटे की हलचल पर नजर रखिए। जो साथी रिस्क से बचना चाहते हैं, वे थोड़ा माल हल्का कर सकते हैं, ताकि नींद चैन से आए। लेकिन जो धैर्य रख सकते हैं, उनके लिए यह स्तर मजबूत आधार बन सकता है।
सोयाबीन की यह तेजी सिखाती है कि सही समय पर सही विश्लेषण और धैर्य कितना बड़ा फर्क डालता है। बाजार हमेशा उतार-चढ़ाव लेता है, लेकिन जो समझदारी से चलता है, वही अंत में मुस्कुराता है।
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व्यापार हमेशा अपने विवेक, अपनी जोखिम क्षमता और पूरी जानकारी के साथ करें। कोई जल्दबाजी न करें, बाजार भागता नहीं है – वह इंतजार करता है समझदारों का।
जय किसान! जय व्यापार!