MP Budget 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया है, जिसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बजट की सबसे खास बात यह है कि इसे “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया गया है। किसानों के हित में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के लिए निर्धारित की गई है, जो यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता सूची में किसान सबसे ऊपर हैं। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक स्पष्ट रोडमैप भी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश लंबे समय से कृषि उत्पादन में अग्रणी रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। इसी सोच के तहत सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से राज्य में दूध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। डेयरी क्षेत्र में निवेश बढ़ने से महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी, जो आत्मनिर्भर ग्रामीण समाज की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।
ग्वालियर जिले के कुलैथ में आयोजित एक विशाल किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 87.21 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान कृषि प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जहां किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नत बीजों और नई तकनीकों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे तकनीकी नवाचारों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और लागत कम करें।
सरकार ने किसानों को जमीन से जुड़े मामलों में राहत देने की भी घोषणा की है। पट्टे पर मिली जमीन की रजिस्ट्री का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इससे किसानों को बैंक से ऋण लेने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी। यह फैसला विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा सोलर पंप वितरण योजना के माध्यम से किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सोलर पंप से सिंचाई लागत घटेगी और बिजली पर निर्भरता कम होगी।
सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी उल्लेख किया गया। इस परियोजना से चंबल क्षेत्र सहित कई इलाकों में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और जल संकट से राहत मिलेगी। लंबे समय से सूखे की समस्या झेल रहे क्षेत्रों के लिए यह परियोजना वरदान साबित हो सकती है।
बजट में बच्चों और महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सुपोषण के लिए नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तावित है। यह कदम बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने में सहायक होगा। वहीं महिलाओं के कल्याण के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। यह राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में खर्च की जाएगी।
कुलैथ में आयोजित कार्यक्रम केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सांस्कृतिक रंगों से भी सराबोर था। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी 18 टीमों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार देने की घोषणा की। पास में आयोजित पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी नकद प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया गया। इससे ग्रामीण परंपराओं और लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास के तहत सड़क निर्माण, ट्रांसफार्मर स्थापना, श्रद्धालुओं के लिए सामुदायिक भवन, युवाओं के लिए खेल मैदान और उद्योग स्थापना जैसी कई योजनाओं की घोषणा की गई। कुछ ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों को आबादी क्षेत्र घोषित करने और महेश्वरा पत्थर खदान को पुनः शुरू कराने का आश्वासन भी दिया गया। इन घोषणाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर यह बजट किसानों, महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की प्रगति तभी संभव है जब गांव मजबूत हों और किसान समृद्ध हों। यदि घोषित योजनाएं समय पर और पारदर्शिता के साथ लागू होती हैं, तो निश्चित ही मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
मध्य प्रदेश बजट 2026-27 की कुल राशि कितनी है?
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया है, जिसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बजट में किसानों के लिए कितनी राशि निर्धारित की गई है?
इस बजट को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया गया है और किसानों के हित में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के लिए निर्धारित की गई है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का उद्देश्य क्या है
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन को 9% की वृद्धि दर से बढ़ाकर 20% तक पहुंचाना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें।
किसानों को जमीन संबंधी मामलों में क्या राहत दी गई है?
सरकार ने घोषणा की है कि पट्टे पर मिली जमीन की रजिस्ट्री का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इससे किसानों को बैंक ऋण लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी।
सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए कौन-सी बड़ी परियोजना का उल्लेख किया गया है?
बजट में केन-बेतवा लिंक परियोजना का उल्लेख किया गया है, जिससे चंबल क्षेत्र सहित कई इलाकों में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और जल संकट से राहत मिलेगी।