
नमस्कार मेरे प्यारे किसान भाइयों और बहनों! आज 20 दिसंबर 2025 है और मैं आप सबके लिए नीमच मंडी से लहसुन के सबसे भाव लेकर आया हूं। जैसा कि आप जानते हैं, नीमच मंडी लहसुन का सबसे बड़ा और विश्वसनीय केंद्र है। यहां से पूरे देश में लहसुन के भाव का रुख तय होता है। आज की आवक और भाव देखकर लगता है कि बाजार में थोड़ी स्थिरता बनी हुई है, लेकिन क्वालिटी के हिसाब से अच्छा प्रीमियम मिल रहा है।
आज नीमच मंडी में लहसुन की कुल आवक लगभग 4000 बोरी रही। बॉक्स में बात करें तो 4100 से 14100 बॉक्स आए और सबसे ऊपरी भाव 18500 रुपये तक देखने को मिला। यह टॉप क्वालिटी का माल था जो शायद VVIP या सुपर स्पेशल कैटेगरी का रहा होगा। किसान भाइयों, यह देखकर अच्छा लगता है कि अच्छी क्वालिटी वाले माल को बाजार हमेशा सम्मान देता है।
अब चलिए विस्तार से सभी कैटेगरी के भाव देखते हैं:
सबसे ऊपरी लेवल पर देशी VVIP लहसुन 14500 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। यह वो माल है जो बिल्कुल साफ-सुथरा, बड़ा-बड़ा गोला और चमकदार होता है। व्यापारी इसे हाथों-हाथ लेते हैं क्योंकि निर्यात और बड़े शहरों की डिमांड इसी क्वालिटी की रहती है।
इसके बाद स्पेशल कैटेगरी का माल 13500 से 14000 रुपये के दायरे में ट्रेड हुआ। फूल गोला, यानी पूरी तरह गोल और भरे हुए बल्ब वाला माल 12500 से 13000 तक बिका। मोटा माल, जो थोड़ा कम गोल लेकिन फिर भी अच्छी साइज का होता है, वह 11500 से 12000 रुपये तक गया।
लाडू कैटेगरी में भी अच्छे भाव देखने को मिले। लाडू मोटा मिक्स 10500 से 11000, लाडू स्पेशल 9800 से 10200 और सामान्य लाडू 9300 से 9600 रुपये तक बिका। यह कैटेगरी ज्यादातर घरेलू बाजार और प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए जाती है।
मीडियम क्वालिटी में एक्स्ट्रा ग्रेड 9000 से 9300, बढ़िया माल 8500 से 8800 और एवरेज मीडियम 7000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। सबसे निचले स्तर पर छर्रे (छोटे-छोटे दाने) 6000 से 6500 रुपये तक बिके। यह माल ज्यादातर पाउडर बनाने वाली कंपनियों या लोकल बाजार में जाता है।
किसान भाइयों, इस सीजन में लहसुन की क्वालिटी काफी अच्छी आई है। बारिश का समय सही रहा और रोग भी कम लगे, इसलिए गोले बड़े और चमकदार बने हैं। जो साथी अच्छी क्वालिटी का माल लेकर आए, उन्हें बाजार ने भरपूर सम्मान दिया। लेकिन जो माल थोड़ा मिक्स या छोटा रहा, उसके भाव औसत ही रहे।
मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में अगर आवक इसी तरह 4000-5000 बोरी के आसपास बनी रही तो बाजार स्थिर रहेगा। लेकिन अगर क्रिसमस और नए साल की वजह से डिमांड बढ़ी और आवक थोड़ी कम हुई तो ऊपरी कैटेगरी में और 500-1000 रुपये का उछाल आ सकता है। निर्यात का सीजन भी धीरे-धीरे शुरू हो रहा है, खासकर मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से ऑर्डर आने की उम्मीद है।
मेरा सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि अपना माल बेचते समय क्वालिटी का पूरा ध्यान रखें। साफ-सुथरा, अच्छी तरह सुखाया हुआ और सही ग्रेडिंग किया हुआ माल हमेशा बेहतर भाव दिलाता है। अगर आपके पास अच्छी क्वालिटी का माल बचा है तो थोड़ा इंतजार करके देख सकते हैं, लेकिन रोजाना मंडी के भाव पर नजर रखें। कभी भी जल्दबाजी में सस्ते में माल न बेचें।
अंत में यही कहूंगा कि मेहनत करने वाले किसान को बाजार देर-सवेर जरूर न्याय देता है। आप सब अपनी फसल की अच्छी कीमत पाएं, यही दुआ है। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो अपने साथी किसानों तक जरूर शेयर करें। कल फिर मिलते हैं नई अपडेट के साथ। तब तक के लिए नमस्कार और शुभकामनाएं!