लहसुन का बॉक्स वाला माल 18500 तक भाव चल रहा है लेकिन क्या 2026 मैं लहसुन का भाव 25000 तक पहुंच सकता है ?

लहसुन का बॉक्स वाला माल 18500 तक
लहसुन का बॉक्स वाला माल 18500 तक

लहसुन का बॉक्स वाला माल 18500 तक भाव चल रहा है लेकिन क्या 2026 मैं लहसुन का भाव 25000 तक पहुंच सकता है ?

आपने 20 दिसंबर 2025 के लहसुन के बाजार भाव साझा किए हैं, जिसमें लहसुन के भाव में ₹1000 की उछाल दिखाई दे रही है। आवक 4000 बोरी रही, और विभिन्न श्रेणियों में भाव इस प्रकार हैं: देशी VVIP ₹14500 से ₹15000, स्पेशल ₹13500 से ₹14000, फूल गोला ₹12500 से ₹13000, मोटा माल ₹11500 से ₹12000, लाडू मोटा मिक्स ₹10500 से ₹11000, लाडू स्पेशल ₹9800 से ₹10200, लाडू ₹9300 से ₹9600, मीडियम एक्स्ट्रा ₹9000 से ₹9300, बढ़िया ₹8500 से ₹8800, एवरेज मीडियम ₹7000 से ₹7500, और छर्रे ₹6000 से ₹6500। इसके अलावा, बॉक्स वाला माल ₹18500 तक बिका है, जो उच्च गुणवत्ता वाले माल की मांग को दर्शाता है। कुल मिलाकर, बाजार ₹4100 से ₹14100 तक चला, जो एक मजबूत ट्रेंड दिखाता है। अब सवाल यह है कि आने वाले समय में लहसुन का भाव और बढ़ेगा या नहीं, और क्या यह ₹25000 तक पहुंच सकता है? इस पर विस्तृत जानकारी देने के लिए, हम वर्तमान बाजार ट्रेंड्स, प्रभावित करने वाले कारकों, ऐतिहासिक डेटा और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित विश्लेषण करेंगे। यह विश्लेषण बाजार के विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा पर आधारित है, जैसे मंडी रेट्स, ग्लोबल ट्रेंड्स और भारतीय कृषि बाजार की रिपोर्ट्स।

सबसे पहले, वर्तमान बाजार स्थिति को समझते हैं। दिसंबर 2025 में लहसुन के भाव में उछाल देखने को मिल रही है, जो मुख्य रूप से सर्दियों की बढ़ती मांग से जुड़ी है। भारत में लहसुन एक प्रमुख मसाला फसल है, और इसका उपयोग घरेलू खपत, खाद्य प्रसंस्करण और दवा उद्योग में होता है। 21 दिसंबर 2025 तक, भारत में लहसुन का औसत मंडी भाव ₹9502 प्रति क्विंटल है, जिसमें न्यूनतम ₹2000 और अधिकतम ₹20000 तक देखा गया है। विभिन्न राज्यों में भाव अलग-अलग हैं: हरियाणा में बारारा मंडी में ₹1700 प्रति क्विंटल, जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश की मंडियों जैसे मंदसौर में यह ₹116.5 प्रति किलोग्राम तक पहुंचा है। रिटेल बाजार में भाव ₹350-₹500 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं, जो थोक भाव से काफी ऊपर है। आपके दिए भाव (₹4100 से ₹14100 प्रति क्विंटल, अनुमानित) इस ट्रेंड से मेल खाते हैं, जहां उच्च गुणवत्ता वाले देशी लहसुन (जैसे VVIP और स्पेशल) में मजबूत मांग है। बॉक्स वाला माल ₹18500 तक बिकना दर्शाता है कि निर्यात-योग्य या प्रीमियम क्वालिटी की डिमांड बढ़ रही है।

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अब, आने वाले समय में भाव बढ़ने की संभावनाओं पर विचार करें। लहसुन के बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं: उत्पादन, मौसम, मांग-आपूर्ति संतुलन, निर्यात और सरकारी नीतियां। भारत लहसुन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन उत्पादन में उतार-चढ़ाव आम है। 2024-2025 सीजन में लहसुन का उत्पादन पिछले वर्ष से कम होने का अनुमान है, मुख्य रूप से असामान्य मौसम (जैसे सूखा या अतिवृष्टि) के कारण। कृषि रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल प्रभावित हुई है, जिससे आवक कम हुई है। आपके डेटा में आवक 4000 बोरी होना सामान्य से कम है, जो भाव वृद्धि का कारण बन सकता है। ग्लोबल स्तर पर, लहसुन बाजार 2024 में $539.35 मिलियन से 2029 तक $616.20 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 2.70% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) है। भारत में, 2025-2033 तक बाजार 3.8% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है, जो $31,349.2 मिलियन तक पहुंच सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और स्वास्थ्य जागरूकता से प्रेरित है, क्योंकि लहसुन एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है।

मौसम का प्रभाव महत्वपूर्ण है। सर्दियों में (दिसंबर-फरवरी) लहसुन की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह सूप, सब्जियां और मसालों में इस्तेमाल होता है। अगर जनवरी-फरवरी 2026 में ठंड बढ़ी, तो घरेलू मांग और बढ़ सकती है। इसके अलावा, निर्यात एक बड़ा फैक्टर है। चीन लहसुन का प्रमुख निर्यातक है, लेकिन भारतीय लहसुन की गुणवत्ता (जैसे देशी और ऑर्गेनिक) के कारण यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व में मांग है। 2024 में ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइस $1489 प्रति टन था, जो 13% बढ़ा। अगर भारतीय निर्यात बढ़ा (जैसे बॉक्स वाला माल), तो घरेलू भाव पर दबाव पड़ेगा। हालांकि, अगर चीन का उत्पादन बढ़ा या आयात सस्ता हुआ, तो भाव गिर सकते हैं। सरकारी नीतियां भी भूमिका निभाती हैं: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर भाव चल रहे हैं, लेकिन अगर सरकार स्टॉक रिलीज करे या आयात बढ़ाए, तो भाव स्थिर हो सकते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में प्याज के साथ लहसुन के भाव में सर्ज देखा गया है, जो सप्लाई चेन मुद्दों से जुड़ा है।

क्या भाव ₹25000 तक पहुंचेगा? यह संभव है, लेकिन अनिश्चित। वर्तमान में अधिकतम भाव ₹20000 प्रति क्विंटल है, और आपके डेटा में ₹18500 बॉक्स स्तर पर। अगर उत्पादन में 10-15% कमी आई (जैसे की अनुमानित), और मांग 5-7% बढ़ी, तो भाव ₹20000-₹22000 तक जा सकता है। लेकिन ₹25000 तक पहुंचने के लिए असाधारण परिस्थितियां चाहिएं, जैसे भारी सूखा, निर्यात बूम या वैश्विक कमी। ऐतिहासिक रूप से, 2024 में भाव ₹400 प्रति किलोग्राम तक पहुंचे, लेकिन 2025 में ग्लोबल फ्लेवर मार्केट (जिसमें लहसुन शामिल) 4.61% CAGR से बढ़ रहा है, जो सकारात्मक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक भाव 10-15% बढ़ सकते हैं, लेकिन ₹25000 एक उच्च लक्ष्य है। जोखिम: अगर नई फसल (मार्च-अप्रैल) अच्छी हुई, तो भाव गिर सकते हैं। किसानों को सलाह: स्टोरेज और मार्केटिंग पर ध्यान दें।

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संक्षेप में, आने वाले 3-6 महीनों में भाव बढ़ने की मजबूत संभावना है, मुख्य रूप से कम आवक और बढ़ती मांग से। लेकिन ₹25000 तक पहुंचना मौसम और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा। किसान और व्यापारी बाजार की निगरानी करें, और सरकारी पोर्टल्स जैसे Agmarknet का उपयोग करें। यह विश्लेषण बाजार डेटा पर आधारित है, लेकिन बाजार अस्थिर होता है, इसलिए सतर्क रहें।

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