रबी सीजन में चने की खेती से करें ज्यादा कमाई – जानें आसान और वैज्ञानिक तरीका

रबी सीजन में चने की खेती से करें ज्यादा कमाई – जानें आसान और वैज्ञानिक तरीका

रबी सीजन में चना किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद फसल मानी जाती है। यह न सिर्फ अच्छी आमदनी देती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है। अजमेर स्थित तबीजी फार्म अजमेर के उप निदेशक कृषि (शस्य) श्री मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से चने की बुवाई करें तो उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

सही जमीन और समय का चयन जरूरी

चना ऐसी भूमि में अच्छा उत्पादन देता है जो लवण और क्षार रहित हो, उपजाऊ हो और जिसमें पानी का निकास सही तरीके से हो सके। पानी का ज्यादा ठहराव फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। वर्तमान समय चने की बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है। अगर किसान बुवाई से पहले मिट्टी और बीज का उपचार कर लें तो रोग और कीटों से फसल की अच्छी सुरक्षा हो सकती है।

बीजोपचार और भूमि उपचार क्यों जरूरी?

कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) डॉ. जितेन्द्र शर्मा बताते हैं कि बीजोपचार से बीज और मिट्टी से फैलने वाले रोगों से बचाव होता है और अंकुरण दर भी बढ़ती है। चने की फसल में जड़ गलन, सूखा जड़ गलन और उकठा जैसे रोग अक्सर देखे जाते हैं। ये रोग 30 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन कम कर सकते हैं।

इनसे बचने के लिए फसल चक्र अपनाना बहुत जरूरी है। यानी हर साल एक ही खेत में चना न बोएं, बल्कि फसल बदलते रहें। साथ ही मिट्टी को ट्राईकोडर्मा से उपचारित करना चाहिए।

भूमि उपचार कैसे करें?

बुवाई से पहले 2.5 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो हल्की नमी वाली गोबर की खाद में अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को 10 से 15 दिन तक छाया में रखें। बुवाई के समय इसे प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में मिला दें। इससे मिट्टी में मौजूद हानिकारक रोगाणु नष्ट हो जाते हैं और पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं।

बीजोपचार की आसान विधि

बुवाई से पहले बीजों को निम्न में से किसी एक दवा से उपचारित करें:

  • कार्बेण्डाजिम 1 ग्राम + थाइरम 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज
  • कार्बोक्सीन + थाइरम (2 ग्राम प्रति किलो बीज)
  • ट्राईकोडर्मा 10 ग्राम प्रति किलो बीज

इससे बीज रोगमुक्त रहेंगे और अंकुरण 90 प्रतिशत तक हो सकता है।

कीटों से कैसे बचाएं फसल?

चने की फसल में दीमक, कटवर्म और वायरवर्म जैसे कीट नुकसान पहुंचाते हैं। सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कीट) डॉ. सुरेश चौधरी के अनुसार, अंतिम जुताई से पहले क्यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण 25 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में मिलाएं।

इसके अलावा बीजों को फिप्रोनिल 5 एस.सी. (10 मिली प्रति किलो बीज) या इमीडाक्लोप्रिड 600 एफ.एस. (5 मिली प्रति किलो बीज) से उपचारित करने पर शुरुआती अवस्था में कीटों से अच्छी सुरक्षा मिलती है।

खाद और उर्वरक का सही प्रबंधन

अच्छी पैदावार के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है। कृषि अनुसंधान अधिकारी (रसायन) डॉ. कमलेश चौधरी बताते हैं कि बुवाई से पहले बीजों को राईजोबियम, पीएसबी (फॉस्फेट घुलनशील जीवाणु), गंधक और जिंक घोलक जैसे जैव उर्वरकों से 3 से 5 मिली प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करना चाहिए।

ये सूक्ष्मजीव मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं और फॉस्फोरस व अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाते हैं।

मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक देना सबसे बेहतर रहता है। सामान्य सिफारिश इस प्रकार है:

असिंचित क्षेत्र में:
10 किलो नाइट्रोजन + 25 किलो फॉस्फोरस प्रति हेक्टेयर

सिंचित क्षेत्र में:
20 किलो नाइट्रोजन + 40 किलो फॉस्फोरस प्रति हेक्टेयर

इन उर्वरकों को आखिरी जुताई के समय 12 से 15 सेंटीमीटर गहराई पर मिट्टी में मिला देना चाहिए।

खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी

सिंचित चना फसल में शुरुआती 25 से 30 दिनों में खरपतवार तेजी से बढ़ते हैं। इससे फसल की बढ़वार प्रभावित होती है। इसे रोकने के लिए:

  • पेन्डीमिथेलीन 30 ई.सी. – 2.5 लीटर प्रति हेक्टेयर
    या
  • पेन्डीमिथेलीन 38.7 सी.एस. – 1.9 लीटर प्रति हेक्टेयर

इनमें से किसी एक दवा को 600 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के बाद लेकिन अंकुरण से पहले छिड़काव करें। इससे खेत काफी समय तक खरपतवार मुक्त रहता है।

रसायनों का उपयोग करते समय सावधानी

कृषि रसायनों का उपयोग करते समय पूरे कपड़े पहनें, दस्ताने, मास्क और जूते जरूर लगाएं। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। दवा का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का भी ध्यान रखें।

निष्कर्ष

अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से चने की खेती करें — जैसे बीजोपचार, भूमि उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और खरपतवार नियंत्रण — तो वे प्रति हेक्टेयर 20 से 25 क्विंटल तक पैदावार ले सकते हैं। चना मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ रबी सीजन में अच्छी आमदनी देने वाली फसल है। सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से किसान अपनी आय को काफी बढ़ा सकते हैं।

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