अरहर / तुवर दाल की तेजी मंदी रिपोर्ट – 12 जनवरी 2026

दोस्तों, नमस्कार! आज फिर से बात करते हैं हमारे घर की थाली के राजा – अरहर यानी तुवर दाल के बाजार की। इस हफ्ते बाजार में मिला-जुला रुख रहा, मतलब कहीं थोड़ी नरमी दिखी, कहीं स्थिरता बनी रही, लेकिन कुल मिलाकर पिछले हफ्तों की तेजी से बाजार थोड़ा सांस ले रहा है। मैं खुद कई साल से इस मार्केट को ट्रैक कर रहा हूं, और लगता है अभी फेज ट्रांजिशन का है – न ज्यादा बुलिश, न ज्यादा बेयरिश, बस सतर्क रहने वाला।
घरेलू बाजार में बर्मा लेमन तुवर (आयातित वाली) की कीमतों में मामूली नरमी आई है। हाल की ऊंचाइयों के बाद दाल मिलों ने उच्च स्तर पर खरीदारी रोक दी, क्योंकि रिस्क ज्यादा लग रहा है। कर्नाटक में एमएसपी खरीद में अभी भी कुछ देरी है, जिससे किसानों को थोड़ा दबाव महसूस हो रहा है, लेकिन अल्पकालिक आपूर्ति में राहत मिली है। नई फसल की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है, खासकर कर्नाटक, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ से, लेकिन गुणवत्ता की चिंता बनी हुई है। कई जगह दाने छोटे या टूटे हुए ज्यादा आ रहे हैं, जिससे मिलों को प्रोसेसिंग में परेशानी हो रही है।
कटनी के मिल मालिकों से बात की तो उन्होंने कहा कि नई तुवर को पीसना अभी भी मुश्किल है। फटका (टूटी दाल) की रिकवरी कम हो रही है, और सावा नंबर किस्म का हिस्सा बढ़ गया है। इससे मिलों का मुनाफा मार्जिन घट रहा है, और वे आक्रामक खरीद से बच रहे हैं। नींबू किस्म में भी ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली हुई – जो स्टॉक ऊंचे भाव पर खरीदा था, अब बेचकर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।
अब कुछ रीयल टाइम कीमतों पर नजर डालें (हाल के भाव, क्विंटल में, शनिवार के आसपास):
- चेन्नई में नींबू कंटेनर: करीब 6800 रुपये
- दिल्ली में नींबू: 7225 रुपये
- दिल्ली में कर्नाटक लाइन बिल: 7500 रुपये
- सोलापुर में नई मारुति/गुलाबी तुवर: 6300 से 7450 रुपये के बीच
ये भाव पिछले हफ्ते से नीचे हैं, साफ साप्ताहिक गिरावट दिख रही है। लेकिन कुल आपूर्ति अभी भी सामान्य से कम है, क्योंकि कर्नाटक और मराठवाड़ा में उत्पादन अनुमान कम हैं।
तुवर दाल (प्रोसेस्ड) की बात करें तो अकोला, गुलबर्गा और कटनी में फटका दाल 10900 रुपये पर रही, जो महीने में थोड़ा बेहतर है, लेकिन साल-दर-साल अभी भी नीचे है। मुंबई में अफ्रीकी किस्में जैसे तंजानिया अरुशा, मतवारा, रेड लखोटा और मोजाम्बिक 5200 से 6450 रुपये के बीच ट्रेड हो रही हैं। इनमें कुछ में साप्ताहिक-मासिक मजबूती दिखी, लेकिन सालाना आधार पर कम हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुंबई CNF डॉलर भाव स्थिर रहे, ज्यादा मूवमेंट नहीं।
अब आगे क्या होगा? बाजार की पूरी नजर कर्नाटक, मराठवाड़ा और विदर्भ में नई आवक की स्पीड पर है, और सरकार की एमएसपी खरीद पर। हाल के अपडेट्स से पता चलता है कि सरकार ने कर्नाटक में 9.67 लाख टन तुवर की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है, MSP 8000 रुपये प्रति क्विंटल पर सेट है। इससे किसानों को सपोर्ट मिलेगा, मजबूरी वाली बिक्री रुकेगी। स्टॉक अभी लिमिटेड है, मिलों को तुरंत कच्चा माल चाहिए, लेकिन नई फसल सीमित मात्रा में आ रही है। इसलिए अगले कुछ हफ्तों में बाजार में थोड़ी और नरमी आ सकती है, लेकिन ज्यादा गहरी गिरावट नहीं लगती।
कुल मिलाकर, तुवर बाजार अभी बैलेंस बनाने की कोशिश में है। नई फसल से राहत मिल रही है, लेकिन गुणवत्ता और MSP खरीद पर सब कुछ टिका है। आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं या कोई सवाल हो तो पूछें। व्यापार में सावधानी सबसे बड़ी ताकत है। अपना और परिवार का ख्याल रखें, और स्वादिष्ट तुवर दाल की दाल-रोटी का मजा लें!