मूंग मसूर दाल की तेजी मंदी रिपोर्ट – 12 जनवरी 2026

मूंग मसूर दाल की तेजी मंदी रिपोर्ट – 12 जनवरी 2026

मूंग मसूर दाल की तेजी मंदी रिपोर्ट - 12 जनवरी 2026
मूंग मसूर दाल की तेजी मंदी रिपोर्ट – 12 जनवरी 2026

दोस्तों, नमस्कार! आज फिर से बात करते हैं हमारे रोजाना की थाली के दो अहम खिलाड़ियों – मूंग दाल और मसूर दाल के बाजार की। पिछले हफ्ते घरेलू दाल बाजार में दोनों की कीमतों में स्थिर से थोड़ा नरम रुझान रहा। मांग ज्यादा तेज नहीं थी, जबकि आवक और आयात ने भावों पर दबाव बनाए रखा। मैं खुद इंदौर में रहता हूं और इस मार्केट को रोज फॉलो करता हूं, तो लगता है अभी बाजार सांस ले रहा है – न ज्यादा तेजी, न गहरी गिरावट, बस संतुलन में।

पहले मूंग दाल की बात करें। ज्यादातर उत्पादक मंडियों में पूरे हफ्ते भाव लगभग स्थिर रहे। मिलें सिर्फ अपनी जरूरत के हिसाब से खरीद रही हैं, ऊंचे दामों पर कोई आक्रामक बिडिंग नहीं दिखी। कई राज्यों में एमएसपी पर सरकारी खरीद चल रही है, लेकिन कुल आवक के मुकाबले सरकारी खरीद की मात्रा सीमित है, इसलिए खुले बाजार में कोई बड़ा बुलिश माहौल नहीं बना। ऊपर से केंद्र सरकार ने केंद्रीय भंडार से मूंग की निरंतर बिक्री की, जिससे बाजार में एक्स्ट्रा सप्लाई का फील आया।

कुछ प्रमुख मंडियों के हाल के भाव (प्रति क्विंटल):

  • इंदौर में अच्छी क्वालिटी वाली मूंग: करीब 8,300 रुपये पर स्थिर (यहां इंदौर लोकल होने से भाव थोड़े मजबूत रहते हैं)
  • जयपुर में चमकदार मूंग: 7,450 रुपये
  • जलगांव में कर्नाटक लाइन चमकदार मूंग: 9,100 रुपये
  • दिल्ली में मध्य प्रदेश लाइन मूंग: 6,900 रुपये

ये भाव पिछले हफ्ते से ज्यादा नहीं बदले। मंडी मार्केट मीडिया और ट्रेडर्स की राय है कि निकट भविष्य में मूंग में मामूली तेजी आ सकती है, लेकिन अभी बड़ी उछाल की उम्मीद कम है। दिल्ली में प्रोसेस्ड मूंग दाल में हफ्ते भर 25 रुपये की गिरावट आई, भाव 6,650 रुपये तक पहुंच गए।

अब मसूर दाल की तरफ। बंदरगाहों पर आयातित मसूर की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन घरेलू दालों पर दबाव रहा। वैश्विक उत्पादन के हाई अनुमान और लगातार आयात ने बाजार को नरम रखा। मुंद्रा और कांडला में मसूर 5,575 रुपये, हजीरा में 5,675 रुपये, जबकि कंटेनरों में कनाडा मसूर 5,850 रुपये पर स्थिर। कटनी मंडी में घरेलू मसूर 6,650 रुपये के आसपास बिकी।

मांग की बात करें तो बिहार, बंगाल और असम जैसे उपभोग इलाकों से अच्छी डिमांड है, लेकिन मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की मंडियों में आवक अभी सीमित है। अच्छी खबर ये है कि मौजूदा रबी सीजन में मसूर की बुवाई का रकबा बढ़कर 17.06 लाख हेक्टेयर हो गया है (पिछले साल 16.85 लाख हेक्टेयर था), और अच्छी फसल की उम्मीद है। इससे आने वाले महीनों में घरेलू सप्लाई बढ़ सकती है।

केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि मूंग और मसूर दोनों की कीमतें आने वाले समय में सीमित दायरे में रहेंगी – स्थिर से थोड़ी नरमी। आयात जारी है, और वैश्विक स्तर पर प्रोडक्शन अच्छा होने से दबाव बना रहेगा। लेकिन अगर रबी फसल अच्छी आई तो घरेलू बाजार को राहत मिल सकती है।

कुल मिलाकर, मूंग और मसूर का बाजार अभी बैलेंस में है। मांग सीमित, सप्लाई अच्छी – इसलिए भाव ज्यादा नहीं उछलेंगे। लेकिन रबी फसल और एमएसपी खरीद पर सब टिका है। आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं या कोई सवाल हो तो पूछें। अपना ख्याल रखें, और दाल-रोटी का मजा लें – क्योंकि ये हमारी सेहत का आधार हैं!

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