मूंगफली का बाजार तेज होगा या नहीं? 😱 फंडामेंटल देखकर चौंक जाओगे – देखिए पूरी जानकारी

मूंगफली का बाजार तेज होगा या नहीं 😱 फंडामेंटल देखकर चौंक जाओगे – देखिए पूरी जानकारी

मूंगफली का बाजार तेज होगा या नहीं 😱 फंडामेंटल देखकर चौंक जाओगे – देखिए पूरी जानकारी
मूंगफली का बाजार तेज होगा या नहीं 😱 फंडामेंटल देखकर चौंक जाओगे – देखिए पूरी जानकारी

दोस्तों,मैं रोजाना मूंगफली के बाजार पर नजर रखता हूं और कल का दिन फिर से शांत और स्थिर गुजरा। गुजरात की मंडियों में कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी। मांग इस समय थोड़ी कमजोर जरूर है, लेकिन जो आवक आ रही है, उससे लगभग बराबर चल रही है। नतीजा ये कि बाजार में अच्छा संतुलन बना हुआ है और भाव ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं हो रहे।

कल राजकोट में औसत क्वालिटी की मूंगफली 7050 रुपये, जबकि बढ़िया क्वालिटी 7175 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। गोंडल में औसतन 7000 रुपये, बीकानेर में 6000 रुपये, झांसी में 6400 रुपये और सोलापुर साउथ लाइन पर 8400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। आवक की बात करें तो गोंडल मंडी में करीब 25,000 बोरी मूंगफली आई और व्यापार लगभग 31,000 बोरी का हुआ। बीकानेर में तो 1,00,000 बोरी और झांसी में 7,000 बोरी की आवक दर्ज की गई। सौराष्ट्र क्षेत्र में अभी भी आवक अच्छी चल रही है, लेकिन सीजन अब खत्म होने की कगार पर है, इसलिए उत्तर गुजरात में आवक काफी कम हो गई है।

एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर ये है कि सरकारी एजेंसियां अब तक लगभग 16 लाख टन मूंगफली की खरीद कर चुकी हैं। ये बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा सरकार के पास होने से भावों को नीचे गिरने से रोकता है। कई जगहों पर, जैसे गोंडल में, सरकारी खरीद बंद भी हो चुकी है।

मूंगफली तेल के भाव भी स्थिर रहे – चेन्नई में 1590 रुपये और अहमदाबाद में 1530 रुपये प्रति 10 किलो। DOC के भाव बीकानेर में 42,000 रुपये प्रति टन रहे, जबकि राजकोट में 48% प्रोटीन वाला DOC 31,500 रुपये प्रति टन पर बिका। कुल मिलाकर प्रोसेसिंग सेक्टर में भी ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा।

अब आगे की बात करें तो नई फसल आने में अभी समय है। पुरानी फसल की आवक धीरे-धीरे खत्म हो रही है, इसलिए भावों में बड़ी गिरावट की गुंजाइश कम लग रही है। हां, सरकार के पास जो भारी स्टॉक पड़ा है, वो जरूरत पड़ने पर बाजार में डाला जा सकता है, खासकर अगर भाव बहुत ऊपर चले जाएं तो। लेकिन फिलहाल मांग कमजोर होने की वजह से निकट भविष्य में भाव स्थिर से लेकर सीमित दायरे में ही घूमते नजर आ रहे हैं। कोई बड़ा उछाल या गिरावट आने की संभावना कम है।

मेरी नजर में किसान भाइयों को सलाह यही है कि अगर जरूरत हो तो थोड़ा-थोड़ा बेचते रहें, पूरा माल एकदम न रोकें। व्यापारियों को भी ज्यादा बड़ी पोजीशन बनाने से पहले सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। बाजार शांत है, लेकिन अचानक कोई पॉलिसी चेंज या मौसम का असर पड़ सकता है। स्टॉकिस्ट भाई लोग भी ध्यान रखें कि नई फसल तक आवक कम होगी, तो शायद थोड़ा सपोर्ट मिले, लेकिन मांग न बढ़ी तो ज्यादा फायदा नहीं होगा।

कुल मिलाकर मूंगफली का बाजार अभी संतुलित और स्थिर ट्रेंड में है। जो भाव चल रहे हैं, वो किसानों के लिए बुरे नहीं हैं, खासकर सरकारी खरीद के सपोर्ट को देखते हुए। बस धैर्य रखें और सही समय पर फैसला लें।

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