
सोयाबीन को रोक बेचे या खरीदें जाने इस रिपोर्ट में : मैं पिछले कई सालों से सोयाबीन के बाजार को बहुत करीब से ट्रैक कर रहा हूं, और इस बार का बाजार बिल्कुल वैसा ही चल रहा है जैसा हमने अपनी पिछली रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया था। हमने बार-बार कहा था कि कीर्ति प्लांट पर 5000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा, और जब तक बाजार इससे ऊपर बना रहेगा, फंडामेंटल्स मजबूत रहेंगे। आप खुद देख लीजिए – 22 दिसंबर को सोयाबीन ने ठीक 5000 को छुआ और वहां से लगातार ऊपर बना हुआ है। आज की तारीख में कीर्ति ब्रांड पर भाव करीब 5190 के आसपास कारोबार कर रहे हैं। कुल मिलाकर घरेलू बाजार की टोन काफी पॉजिटिव लग रही है, और ये सब घरेलू कारकों की वजह से हो रहा है।
इस हफ्ते की बात करें तो सोयाबीन में अच्छी तेजी देखने को मिली – करीब ₹100 प्रति क्विंटल तक का उछाल। उज्जैन मंडी में तो भाव 5000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गए। मध्य प्रदेश की अन्य बड़ी मंडियों जैसे इंदौर, करेली और अशोक नगर में लूज सोयाबीन अब 4800 से ऊपर बिक रही है। महाराष्ट्र में भी हाल कुछ ऐसा ही है – अमरावती, दरियापुर, चिकली, अकोट और मूर्तिजापुर जैसी मंडियों में भाव 4800 के स्तर पर पहुंच चुके हैं। ये देखकर लगा कि आवक घटने का असर अब साफ दिख रहा है।
प्लांट लेवल पर नजर डालें तो तस्वीर और भी सकारात्मक है। एबीएस बदनावर, प्रेस्टीज, दिशान, अरिहंत और नारायण एग्रो जैसे प्लांट्स पर सोयाबीन के भाव 5000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। मिलर्स की खरीदारी यहां काफी सक्रिय है, क्योंकि उन्हें पता है कि कच्चा माल अभी और मजबूत हो सकता है।
अब सोया DOC की तरफ आते हैं, जहां इस हफ्ते शनिवार को जबरदस्त उछाल आया। ओम श्री धूलिया प्लांट पर DOC के भाव 39000 के स्तर को पार कर गए। दिशान धूलिया, धनराज लातूर, महेश एडिबल और प्रकाश इंदौर जैसे प्लांट्स पर भी भाव 36000 से ऊपर बन गए हैं। एक तरफ पोल्ट्री फीड और एनिमल फीड की डिमांड ने DOC को अच्छा सपोर्ट दिया है, तो दूसरी तरफ अर्जेंटीना से सोयामील की सप्लाई में अनिश्चितता ने भी बाजार को ऊपर उठाया। DOC की ये मजबूती सोयाबीन के लिए भी पॉजिटिव सिग्नल है।
हालांकि, सोया तेल का माहौल थोड़ा अलग है। कांडला प्लांट पर तेल के भाव 1250 पर अटके हुए हैं, और यहां तेजी न बनना एक बड़ा सवालिया निशान बना हुआ है। तेल में मांग अभी उतनी जोरदार नहीं दिख रही, जो सोयाबीन की तेजी को और बल दे सके।
यह भी जरूर पड़े- मूंगफली के बाजार में क्या बन रहा है रुझान
विश्व स्तर पर देखें तो सोयाबीन की सप्लाई काफी ज्यादा रहने का अनुमान है। ब्राजील में 2025-26 सीजन के लिए उत्पादन करीब 1780 लाख टन का अनुमानित है, जो रिकॉर्ड स्तर पर है। वहां कटाई अभी शुरुआती स्टेज में है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में सप्लाई आने में अभी समय लगेगा। लेकिन CBOT पर सोयाबीन और सोया मील दोनों में कमजोरी बनी हुई है – पिछले एक महीने में भाव 6.5% तक गिर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मंदी का माहौल है।
कहने का मतलब साफ है – सोयाबीन की ये तेजी मुख्य रूप से घरेलू वजहों से आई है। आवक का घटना, उत्पादन का कम रहना और DOC की अच्छी डिमांड – ये सब भारतीय बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं। लेकिन ग्लोबल फैक्टर्स मजबूत नहीं हैं। इसलिए बहुत बड़ी या लंबी तेजी की उम्मीद करना ठीक नहीं। अगर विदेशी बाजारों में सुधार नहीं आया, तो यहां से आगे ज्यादा से ज्यादा 100-150 रुपए की ही तेजी संभव लग रही है।
मेरा मानना है कि यहां से जो भी उछाल आए, उस पर थोड़ा-थोड़ा माल हल्का करने की सोचें। जो साथी भारी रिस्क ले सकते हैं और लंबा होल्ड करना चाहते हैं, वही माल रोककर रखें। बाकी के लिए सतर्कता बेहतर है। बाजार हमेशा अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है, खासकर जब ग्लोबल और लोकल फैक्टर्स एक-दूसरे से अलग दिशा में चल रहे हों।
मैं तो यही कहूंगा कि बाजार को करीब से देखते रहें, अपनी स्थिति के हिसाब से फैसला लें और कभी भी जल्दबाजी न करें। आने वाले दिन क्या रंग दिखाएंगे, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल घरेलू मजबूती का फायदा उठाते हुए सावधानी से चलें।
व्यापार अपने विवेक से करें, और हमेशा की तरह – जय किसान!