दो दिन में 75 रूपये बढ़ा गेहूं का रेट अब आगे क्या

दो दिन में 75 रूपये बढ़ा गेहूं का रेट अब आगे क्या

नए साल की शुरुआत में ही घरेलू गेहूं बाजार ने जोरदार तेजी पकड़ ली है। वजह साफ है – FCI की तरफ से कोई नया ओपन मार्केट सेल टेंडर नहीं आया और पुरानी बिक्री भी थम सी गई है। नतीजा यह कि पिछले सिर्फ दो दिनों में ही बाजार करीब 75 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ चुका है। बुधवार को तो तेजी और रफ्तार में आई। दिल्ली में गेहूं का भाव 45 रुपये की छलांग लगाकर 2,925 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। अन्य प्रमुख मंडियों में भी अच्छी मजबूती दिखी – समस्तीपुर में 2,790, पिपरिया में 2,580, अलवर में 2,770, मैनपुरी में 2,720 और जोधपुर में 2,710 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास कारोबार हुआ।

इस तेजी के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा तो सरकारी बिक्री का रुकना है। दूसरा, गेहूं से बने उत्पादों के निर्यात की खबरें बाजार में घूम रही हैं, जिससे मिलर्स और एक्सपोर्टर्स की खरीदारी बढ़ी है। कोलकाता में फिजिकल डिमांड काफी मजबूत हुई है। वहां के ट्रेडर्स बता रहे हैं कि मैदा, सूजी, आटा जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों की मांग धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। पहले कई बड़े खरीदार कीमतों में और नरमी की उम्मीद में हल्का स्टॉक रखे बैठे थे, लेकिन जैसे ही भाव ऊपर चढ़ने लगे, उन्होंने खुलकर माल उठाना शुरू कर दिया। अब लगभग हर सौदा पिछले स्तरों से ऊंचे दाम पर हो रहा है।

एक बड़े प्रोसेसर से बात हुई तो उन्होंने बताया कि बंगाल और बिहार में उनका ज्यादातर स्टॉक खत्म हो चुका है। वहां अब सप्लाई थोड़ी टाइट हो गई है, जिससे लोकल भावों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि ओडिशा में अभी भी गेहूं का अच्छा-खासा स्टॉक पड़ा है, लेकिन मौजूदा कीमतों पर प्रोसेसर उसे बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। वे और बेहतर भाव का इंतजार कर रहे हैं। अन्य स्टॉकिस्टों का भी यही मूड है – कोई जल्दबाजी में माल नहीं निकाल रहा। सबकी नजर आगे की तेजी पर टिकी हुई है।

कुल मिलाकर बाजार की सेंटीमेंट इस समय पूरी तरह बुलिश है। इस हफ्ते FCI टेंडर आने की संभावना भी बहुत कम लग रही है, जिससे ओपन मार्केट को और मजबूती मिल रही है। गेहूं की उपलब्धता नियंत्रित बनी हुई है, डिमांड में सुधार दिख रहा है और सरकारी दखल नहीं है – इन तीनों कारणों से बाजार तेजी की पटरी पर दौड़ लगा रहा है। ऑफ सीजन में जो भाव 2,900 के आसपास रुकता हुआ नजर आ रहा था, वह अब सीधे 3,000 की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है।

कल जिस तरह सरपट तेजी आई, उसके बाद आज की सबसे बड़ी दिलचस्पी यह है कि क्या बिकवाली का दबाव बनेगा या खरीदार फिर हावी रहेंगे। ज्यादातर ट्रेडर्स का मानना है कि ऊपरी स्तरों पर थोड़ी बहुत मुनाफावसूली आ सकती है, लेकिन बड़ा करेक्शन आने की गुंजाइश कम है। स्टॉकिस्ट हाथ तंग रखे हुए हैं और मिलों की जरूरत भी लगातार बनी हुई है।

मंडी मार्केट मीडिया के विश्लेषकों का कहना है कि जनवरी महीने में किसी बड़ी मंदी का खतरा फिलहाल नहीं दिखता। मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में गेहूं और उसके उत्पादों की कीमतों में और मजबूती आने की पूरी संभावना है। अगर निर्यात डिमांड और मजबूत हुई या FCI ने लंबे समय तक टेंडर नहीं निकाला, तो भाव 3,000 का स्तर पार करके ऊपर भी जा सकते हैं।

किसान भाइयों, अगर आपके पास पुराना गेहूं बचा है तो अभी बाजार का मूड आपके पक्ष में है। लेकिन जल्दबाजी में पूरा माल न निकालें, क्योंकि तेजी और आगे जा सकती है। व्यापारी साथियों से भी यही कहूंगा – पोजीशन बनाते समय ऊपरी और निचले दोनों स्तरों पर स्टॉप लॉस जरूर रखें। बाजार में उतार-चढ़ाव कभी भी आ सकता है। अंत में वही पुरानी सलाह – व्यापार अपने विवेक और जोखिम क्षमता के अनुसार करें। किसी की जिम्मेदारी नहीं ली जा सकती।

अगली अपडेट में फिर मिलेंगे। तब तक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और शुभकामनाएं!

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