ग्वार तेजी मंदी रिपोर्ट – 01 Jan 2026

ग्वार तेजी मंदी रिपोर्ट - 01 Jan 2026
ग्वार तेजी मंदी रिपोर्ट – 01 Jan 2026

बुधवार को ग्वार के बाजार में कुल मिलाकर मजबूती का माहौल रहा। भौतिक मंडियों में आवक काफी सीमित थी, जिसकी वजह से स्टॉकिस्टों और प्रोसेसरों की लगातार खरीदारी ने भावों को अच्छा सहारा दिया। हालांकि, वायदा बाजार में कुछ मुनाफावसूली हुई, जिससे वहां हल्की कमजोरी दिखी। फिर भी, स्पॉट मार्केट मजबूत बना रहा और किसानों के लिए यह राहत की बात है।

राजस्थान की मंडियों की बात करें तो यहां ग्वार के भाव ऊपरी स्तरों पर टिके रहे। संगरिया और हनुमानगढ़ जैसी प्रमुख मंडियों में ग्वार का कारोबार 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हुआ। रावतसर में तो भाव और ऊपर चढ़कर 6,170 रुपये तक पहुंच गए, जो बाजार की मजबती को साफ दिखाता है। श्रीगंगानगर मंडी में ग्वार 5,914 रुपये के दायरे में ट्रेड हुआ और यहां एक ही दिन में 200 रुपये से ज्यादा की तेजी आई, जिसने पूरे बाजार में जोश भर दिया। लूणकरनसर में भाव स्थिर रहे, 6,000 रुपये पर कोई बदलाव नहीं। वहीं बीकानेर और चूरू की मंडियों में स्टैंडर्ड और सीड क्वालिटी दोनों में करीब 190 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल मिलाकर राजस्थान में सप्लाई टाइट होने से भावों में अच्छा सपोर्ट मिला।

गुजरात की मंडियों का रुख थोड़ा मिक्स्ड रहा। डीसा और कड़ी में भाव स्थिर बने रहे, 5,900 रुपये पर कोई हलचल नहीं। लेकिन गोंडल और राजकोट में अच्छी तेजी देखने को मिली – यहां भाव 238 रुपये चढ़कर लगभग 5,870 रुपये तक पहुंच गए। यह तेजी स्थानीय डिमांड और कम आवक की वजह से आई। गुजरात में कुछ जगहों पर खरीदार सक्रिय थे, जिसने बाजार को बैलेंस किया।

हरियाणा की मंडियों में स्थिति काफी असमान रही। आदमपुर में भावों का दायरा बहुत चौड़ा था – 4,390 से लेकर 6,371 रुपये तक बोले गए, जो बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है। सिरसा में अच्छी खबर आई, यहां 140 रुपये की तेजी के साथ भाव 5,920 रुपये तक पहुंचे। लेकिन ऐलनाबाद में लोकल सेलिंग प्रेशर की वजह से 200 रुपये की गिरावट आई। हरियाणा में मौसम और लोकल सप्लाई का असर साफ दिख रहा है, जिससे भावों में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा।

अब वायदा बाजार की ओर नजर डालें। NCDEX पर ग्वार सीड का जनवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट 35 रुपये टूटकर 6,055 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। ओपन इंटरेस्ट में गिरावट आई, जो लॉन्ग पोजीशंस की कटौती दिखाती है। नीचे के स्तरों पर नई बाइंग आ रही है, जो आगे सपोर्ट दे सकती है। ग्वार गम का जनवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट भी प्रेशर में रहा, 162 रुपये गिरकर 11,602 रुपये पर बंद हुआ। वायदा में यह कमजोरी मुनाफावसूली और ग्लोबल डिमांड की सुस्ती से आई लगती है।

मंडी मार्केट मीडिया के जानकारों का मानना है कि फिलहाल ग्वार की उपलब्धता काफी टाइट है। स्टॉक्स कम हैं और डिमांड स्थिर बनी हुई है, इसलिए बड़ी गिरावट की गुंजाइश कम दिख रही। हां, वायदा बाजार की सुस्ती से शॉर्ट टर्म में भाव सीमित रेंज में घूम सकते हैं। आगे की दिशा मुख्य रूप से ग्वार गम इंडस्ट्री की खपत और एक्सपोर्ट डिमांड पर निर्भर करेगी। अगर ऑयल ड्रिलिंग सेक्टर में ग्वार गम की मांग बढ़ी, तो बाजार फिर तेज हो सकता है। मौसम का भी असर रहेगा, क्योंकि नई फसल की बुआई अभी दूर है।

किसान भाइयों, अगर आपके पास स्टॉक है तो जल्दबाजी न करें। बाजार में सपोर्ट है, लेकिन वायदा की चाल पर नजर रखें। व्यापारी भी पोजीशंस सावधानी से बनाएं। अंत में यही कहूंगा – बाजार अनिश्चित होता है, इसलिए अपना रिस्क देखकर ही फैसला लें। व्यापार अपने विवेक से करें, कोई जिम्मेदारी मेरी नहीं।

अगली अपडेट में फिर मिलते हैं। शुभकामनाएं!

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